मृत्यु के 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन मुफ़्त है। अस्पताल में मृत्यु हो तो अस्पताल दर्ज करता है; घर पर हो तो घर का मुखिया या नज़दीकी रिश्तेदार नगर निगम / पंचायत में सूचना दे। देर होने पर: 30 दिन से 1 साल तक ज़िला रजिस्ट्रार की अनुमति और 1 साल के बाद मजिस्ट्रेट का आदेश लगता है।
कागज़: मृतक का पहचान पत्र, सूचना देने वाले का पहचान पत्र, अस्पताल के कागज़ (अगर हों)। प्रमाण पत्र की कई कॉपी निकलवाइए: लगभग हर क्लेम में लगेगी।
मृत्यु के बाद खाते में पेंशन या वेतन आता रहे तो बाद में वापस लिया जाता है। बैंक और पेंशन/नौकरी वाले दफ़्तर को लिखित सूचना दीजिए और पावती लीजिए।
कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी, PPO / कर्मचारी नंबर
सारे कागज़ और संपत्ति की सूची बनाइए
पासबुक, FD रसीद, पॉलिसी, PF का UAN, पेंशन PPO, ज़मीन के कागज़, गाड़ी की RC, शेयर/डीमैट का विवरण एक जगह रखिए। हर जगह नॉमिनी कौन है, लिख लीजिए।
230 दिन के अंदर
वारिस प्रमाण पत्र (लीगल हेयर / वंशावली)
नॉमिनी न हो, या ज़मीन का नामांतरण करना हो, तो वारिसों का सबूत लगता है। ज़्यादातर राज्यों में यह तहसील / अंचल / राजस्व कार्यालय या राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से बनता है; नियम राज्य के हिसाब से अलग हैं, अपने कार्यालय से पूछिए।
कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र, सभी वारिसों के पहचान पत्र, परिवार की जानकारी वाला शपथ पत्र (जहाँ माँगा जाए)
नॉमिनी न हो: कमर्शियल बैंक में ₹15 लाख और को-ऑपरेटिव बैंक में ₹5 लाख तक बिना सक्सेशन सर्टिफ़िकेट के आसान तरीक़े से मिलता है: क्लेम फ़ॉर्म (Annex I-B), इंडेम्निटी बॉन्ड (I-C), बाक़ी वारिसों का NOC (I-D), और वारिस प्रमाण पत्र या एक जानकार व्यक्ति का डिक्लेरेशन (I-E)। कागज़ पूरे होने के 15 दिन में भुगतान।
कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र, दावेदारों के पहचान पत्र, पासबुक / FD रसीद, लॉकर की चाबी
पॉलिसी वाली ब्रांच को सूचना दीजिए। LIC में: क्लेम फ़ॉर्म A (फ़ॉर्म 3783), मृत्यु रजिस्टर का प्रमाणित अंश, असली पॉलिसी, और उम्र का सबूत (अगर पहले नहीं दिया)। नॉमिनी न हो तो वारिस होने का सबूत। पॉलिसी के 3 साल के अंदर मृत्यु हो तो ब्रांच और कागज़ माँगती है। प्राइवेट बीमा कंपनी से उनकी सूची लीजिए।
कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र, असली पॉलिसी, नॉमिनी का पहचान पत्र और बैंक विवरण
EPFO में मृत्यु का एक कम्पोज़िट क्लेम फ़ॉर्म है जो PF, पेंशन और EDLI तीनों के लिए है (पुराने फ़ॉर्म 20, 10D, 5-IF की जगह)। नौकरी के दौरान मृत्यु हो तो EDLI बीमा कम से कम ₹2.5 लाख और ज़्यादा से ज़्यादा ₹7 लाख। आख़िरी नियोक्ता से फ़ॉर्म सत्यापित करवाइए।
कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र, UAN, नॉमिनी का बैंक खाता (कैंसल चेक), नाबालिग हो तो अभिभावक का विवरण
अंचल / तहसील कार्यालय या राज्य के भूमि पोर्टल पर आवेदन कीजिए। कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली / वारिस प्रमाण पत्र। नियम और समय राज्य के हिसाब से अलग हैं।
कागज़: मृत्यु प्रमाण पत्र, वंशावली / वारिस प्रमाण पत्र, ज़मीन का खाता-खेसरा / रसीद, सभी वारिसों के पहचान पत्र
अगर मृतक की आय टैक्स के दायरे में थी या रिफ़ंड बाक़ी है, तो वारिस e-filing पोर्टल पर "Register as Representative Assessee" से रजिस्टर होकर आख़िरी रिटर्न भर सकता है।
कागज़: मृतक का PAN, मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिस होने का सबूत
बैंक या कंपनी नॉमिनी को भुगतान करके ज़िम्मेदारी से मुक्त हो जाती है। लेकिन नॉमिनी वह रक़म आम तौर पर क़ानूनी वारिसों की ओर से रखता है; बँटवारा वारिस आपस में या क़ानून के हिसाब से करते हैं।
नॉमिनी नहीं है, तो क्या कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफ़िकेट ज़रूरी है?
हमेशा नहीं। RBI के नए नियमों से कमर्शियल बैंक में ₹15 लाख और को-ऑपरेटिव बैंक में ₹5 लाख तक, और डीमैट शेयर में ₹15 लाख तक बिना सक्सेशन सर्टिफ़िकेट के आसान कागज़ों से पैसा मिल सकता है। इससे ज़्यादा या विवाद हो तो वकील से मिलिए।
बैंक कितने दिन में पैसा देगा?
सारे कागज़ मिलने के 15 दिन के अंदर। बैंक की वजह से देर हो तो उसे बैंक रेट + 4% सालाना ब्याज देना होगा; लॉकर में देर पर ₹5,000 रोज़।
मृत्यु का रजिस्ट्रेशन देर से हो तो?
21 दिन तक मुफ़्त। 30 दिन से 1 साल तक ज़िला रजिस्ट्रार की लिखित अनुमति और फ़ीस लगती है; 1 साल के बाद मजिस्ट्रेट का आदेश।
क्या muhar.in हमारी ओर से क्लेम करेगा?
नहीं। हम सिर्फ़ जानकारी, चेकलिस्ट और फ़ॉर्मेट देते हैं। क्लेम आप ख़ुद सरकारी पोर्टल या दफ़्तर में करते हैं। किसी को भी अपने खाते, OTP या पासवर्ड न दें।
यह जानकारी कितनी पक्की है?
हर तथ्य सरकारी स्रोत से 25-10-2026 को मिलाया गया है। नियम बदल सकते हैं; अंतिम जानकारी संबंधित दफ़्तर से पक्की करें।
muhar.in कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और यह क़ानूनी सलाह नहीं है। यहाँ की जानकारी सिर्फ़ मार्गदर्शन के लिए है; हर काम संबंधित दफ़्तर से पक्का करें। हम आपकी कोई जानकारी सेव नहीं करते और किसी की ओर से पैसा क्लेम नहीं करते। जहाँ कोर्ट की प्रक्रिया (जैसे सक्सेशन सर्टिफ़िकेट) लगे, वहाँ किसी वकील से मिलिए।